Wednesday, 28 March 2018

Cyber Crime

साइबर क्राइम:-
भारत इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला दुनियॉ का तीसरा देश है। आप अपने कंप्यूटर, मोबाइल आदि से कहीं कहीं इंटरनेट से जुडें हैं इसलिये साइबर क्राइमसाइबर अपराध, साइबर-आतंकवाद जैसे शब्दों के बारे में अापका जानना बहुत जरूरी है।


साइबर क्राइम कई प्रकार का होता है
1.    निजी जानकारी चुराना
इसे साधारण भाषा में या हैकिंग करते हैं, इससे साइबर अपराधी आपके कंप्यूटर नेटवर्क में प्रवेश कर आपकी निजी जानकारी जैसे - आपका नेटबैंकिग पासवर्ड, आपके क्रेडिट कार्ड की जानकारी आदि काे चुरा लेते हैं और इसका दुरूपयोग करते हैं, इसी का दूसरा रूप होता है फिंशिग, जिसमें आपको फर्जी ईमेल अादि भेजकर ठगा जाता सकता है, इसके बारे में जानने के लिये क्लिक करें -  

2.    what is phishing?


जिस प्रकार मछली पकडने के लिये कॉटे में चारा लगाकर डाला जाता है और चारा खाने के लालच या धोखे में आकर मछली कॉटें में फंस जाती है। उसी प्रकार फ़िशिंग (Phishing) भी हैकर्स (Hackers) द्वारा इन्टरनेट पर नकली वेबसाइट (Fake Website) या ईमेल (Email) के माध्यम से इन्टरनेट यूजर्स के साथ की गयी धोखेबाजी (scams) को कहते हैं। जिसमें वह आपकी निजी जानकारी (personal information) को धोखेबाजी (scams)  के माध्यम से चुरा लेते हैं और उसका गलत उपयोग करते हैं -

What is a phishing attack?

यह अपराधी फ़िशिंग के माध्यम से आपको नकली ईमेल या संदेश भेजते हैं, जो किसी प्रतिष्ठित कम्पनी, आपकी बैंक, आपकी क्रेडिट कार्ड कम्पनी, ऑनलाइन शॉपिंग की तरह मिलते-जुलते होते हैं, अगर आप सतर्क नहीं हैं तो आप इनके झॉसे में जल् ही जाते हैं। इन नकली ईमेल (Fake email) या संदेश का उद्देश् से आपकी PII यानी पर्सनल आइडेंटिफाइएबल इन्फ़ॉर्मेशन (Personally identifiable information) को चुराना है। पर्सनल आइडेंटिफाइएबल इन्फ़ॉर्मेशन (Personally identifiable information) के अन्तर्गत आपकी निजी जानकारियॉ आती है जैसे
1.          आपका नाम 
2.          आपकी ईमेल यूजर आई0डी
3.          आपका पासवर्ड 
4.          आपका मोबाइल नम्बर या फोन नम्बर
5.          आपका पता
6.          बैंक खाता नम्बर
7.          एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड तथा क्रेडिट कार्ड नम्बर 
8.          एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड तथा क्रेडिट कार्ड आदि का वेलिडेशन कोड
9.          आपकी जन्मतिथि 



3.    वायरस फैलाना 
साइबर अपराधी कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर आपके कम्प्युटर पर भेजते हैं जिसमें वायरस छिपे हो सकते हैं, इनमें वायरस, वर्म, टार्जन हॉर्स, लॉजिक हॉर्स आदि वायरस शामिल हैं, यह आपके कंप्यूटर का काफी हानि पहुॅचा सकते हैं। 


4.    सॉफ्टवेयर पाइरेसी
सॉफ्टवेयर की नकली तैयार कर सस्ते दामों में बेचना भी साइबर क्राइम के अन्तर्गत आता है, इससे साफ्टवेयर कम्पनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है साथ ही साथ आपके कीमती उपकरण भी ठीक से काम नहीं करते हैं। 
5.    फर्जी बैंक कॉल
आपको जाली ईमेल, मैसेज या फोनकॉल प्राप् हो जो आपकी बैंक जैसा लगे जिसमें आपसे पूछा जाये कि आपके एटीएम नंबर और पासवर्ड की आवश्यकता है और यदि आपके द्वारा यह जानकारी नहीं दी गयी तो आपको खाता बन् कर दिया जायेगा या इस लिंक पर कर सूचना दें। याद रखें किसी भी बैंक द्वारा ऐसी जानकारी कभी भी इस तरह से नहीं मॉगी जाती है और भूलकर भी अपनी किसी भी इस प्रकार की जानकारी को इन्टरनेट या फोनकॉल या मैसेज के माध्यम से नहीं बताये। 


सोशल नेटवर्किग साइटों पर अफवाह फैलाना 
बहुत से लोग सोशल नेटवर्किग साइटों पर सामाजिक, वैचारिक, धार्मिक और राजनैतिक अफवाह फैलाने का काम करते हैं, लेकिन यूजर्स उनके इरादें समझ नहीं पाते हैं और जाने-अनजाने में ऐसे लिंक् को शेयर करते रहते हैं, लेकिन यह भी साइबर अपराध और साइबर-आतंकवाद की श्रेणी में आता है। 


6.    साइबर बुलिंग
फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग पर अशोभनीय कमेंट करना, इंटरनेट पर धमकियॉ देना किसी का इस स्तर तक मजाक बनाना कि तंग हो जाये, इंटरनेट पर दूसरों के सामने शर्मिंदा करना, इसे साइबर बुलिंग कहते हैं। अक्सर बच्चे इसका शिकार हाेते हैं।


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